विपिन गणेश मतकर Facebook ad: “* ने * के माध्यम से भतीजे *…”

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*#इन्दौर_महारानी_उषाराजे* ने *#पंजीकृत_दस्तावेज* के माध्यम से भतीजे *#यशवंतराव_होलकर* को होलकर शाही प्रमुख के साथ *#इन्दौर_के_महाराजा* और भतीजी *#सबरिनाराजे* को *#इन्दौर_की_राजकुमारी* उपाधि का #उत्तराधिकारी घोषित किया ! होलकर राजपरिवार में उत्तराधिकार को लेकर एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। महामहिम महारानी उषा देवी की इच्छा के अनुसार श्रीमंत युवराज यशवंत राव होलकर (तृतीय)बहादुर को इंदौर के होलकर राजपरिवार का उत्तराधिकारी घोषित किया गया है। कार्यक्रम इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा में आयोजित हुआ ! तिथि के अनुसार रामनवमी के पावन पर्व के साथ होलकर राजवंश के कुलभूषण श्रीमंत मल्हारराव होलकर महाराज की 333 वीं जन्मतिथि भी थी ! ज्ञात हुआ की पच्चीस वर्षों से श्रीमंत शिवाजीराव (रिचर्ड) होलकर की मंशा थी की युवराज यशवंतराव का राजतिलक समारोह होना चाहिए, और वर्तमान परिस्थितियों के परिवर्तन को देखते तलोदा के जहांगीरदार अमरजीत दादा बारगल साहब ( श्रीमंत मल्हारराव होलकर) के मामाश्री भोजराज बारगल के वंशज हैं , आपने चार वर्ष पूर्व रिचर्ड महाराज के समक्ष रखी तो अत्यंत खूश होकर, मामाजी आपने मेरे मन की बात पढ़ ली और राजपरिवार में विचार विमर्श कर दिनांक 26 मार्च 2026 को यशवंतराव होलकर को उत्तराधिकारी घोषित कर सुखांत सफ़लता प्राप्त की ! मल्हारी मार्तंड देवस्थान इन्दौर राजवाड़ा में भगवान मल्हारी मार्तंड का आशीर्वाद लेने हेतु एक निजी सभा और भव्य पूजा-अनुष्ठान का आयोजन किया गया। समारोह की अध्यक्षता होलकरपरिवार के आदरणीय राजगुरु डॉ. विजय राजोपाध्याय ने की। रामनवमी के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों को पूजा अर्चना करने और भेंट चढ़ाने का अवसर भी मिला, जिससे पूरा वातावरण धार्मिक आस्था और श्रद्धा से ओतप्रोत रहा। धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात पूर्व इंदौर रियासत के सम्मानित सरदारों का पारंपरिक दरबार भी आयोजित किया गया। इस दरबार में सरदार, दरबारी, दरकदार, ठाकुर एवं अन्य वंशानुगत प्रतिष्ठित जन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे इनमें प्रमुख थे अमरजीत दादा बारगल साहेब, सरदार नरेन्द्र फणसे, मिहीर फणसे,दिवान पलसीकर, ऋषी पागनिस, पंचभैय्या सौ. छाया व चन्द्रकान्त, पंकज होलकर, सौ. अदिती व स्वप्निल होलकर, दिग्विजयसिंह होलकर, सौरव बारगल। सभी ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। कार्यक्रम पूरे राजसी वैभव, गरिमा और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। सबसे महत्वपूर्ण क्षण उस आया जब प्रिंस रिचर्ड होलकर महाराज ने महारानी उषाराजे द्वारा घोषित पंजीकृत उत्तराधिकारी दस्तावेज (अंग्रेजी) का वाचन कर दरबारियों को अवगत कराया जिसे करतल ध्वनियों से स्वीकार किया गया! इस दस्तावेज को मेरे सूपूत्र अभिराम मतकर ने महाराज के विडियो से टेक्स्ट में परिवर्तन कर आमजन के लिए हिन्दी में भाषातंरीत भी किया है ! मूल दस्तावेज से थोड़ा भिन्न भी हो सकता है ! उत्तराधिकारी की प्रामाणिकता लोगों तक पहुंचाने का सिर्फ प्रयास है ! दस्तावेज में लिखा है :- मैं 'युवराज प्रिंस रिचर्ड होलकर: कुलदेवता मल्हारी मार्तंड, होलकर राज्य के कुलीनों और मेरे परिवार की उपस्थिति में, मुझे मेरी बहन, इंदौर की महारानी उषादेवी द्वारा आप सभी को निम्नलिखित शब्दों के साथ संबोधित करने का आदेश दिया गया है: "मैं, इंदौर की महारानी उषादेवी (उर्फ उषा मल्होत्रा), महामहिम महाराजा यशवंत राव होलकर द्वितीय की पुत्री, और वर्तमान में मुंबई में निवास करते हुए, एतद्द्वारा पूरी गंभीरता से निम्नलिखित बातें स्वीकार और घोषित करती हूँ: मेरे दिवंगत पिता, श्रीमंत महाराजा यशवंत राव होलकर द्वितीय के 5 दिसंबर, 1961 को निधन के उपरांत, मैंने इंदौर के शाही होलकर परिवार की नाममात्र की और औपचारिक प्रमुख (महारानी) के रूप में उनका स्थान ग्रहण किया। कि, मैंने 64 वर्षों की अवधि तक, होलकर राजघराने की परंपराओं, रीति-रिवाजों और औपचारिक अधिकारों की संरक्षक के रूप में, इस पद के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन किया है। कि, अपनी बढ़ती उम्र के कारण, मुझे यह महसूस होता है कि अब मेरे लिए सही समय आ गया है; और अपने परिवार तथा समुदाय की परंपराओं में निरंतरता बनाए रखने के हित में, मैं महारानी के रूप में अपने कर्तव्यों को त्यागना उचित और उपयुक्त मानती हूँ।" अपने उत्तराधिकारी को नामित करने और अगली पीढ़ी का स्वागत करने के लिए, यह औपचारिक और Titular का पद अपने लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान रखता है। पूर्व रियासतों की कानूनी स्थिति अब भले ही मौजूद न हो, लेकिन संविधान के तहत प्राप्त औपचारिक और Titular के अधिकार आज भी कायम हैं, और ये हमारे परिवार तथा हमारे समुदाय के इतिहास और विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अतः, मैं यह सुनिश्चित करना चाहूंगी कि ये पारिवारिक परंपराएं मेरे भतीजे, यशवंत राव होल्कर (उर्फ प्रिंस यशवंत राव होल्कर)—जो मेरे सौतेले भाई, रिचर्ड होल्कर (उर्फ प्रिंस शिवाजी राव होल्कर) के पुत्र हैं—के माध्यम से आगे भी जारी रहें। मैं एतद्द्वारा यह घोषणा करती हूं और अपने भतीजे, प्रिंस यशवंत राव होल्कर को इंदौर के शाही होल्कर परिवार के (Titular Head) के पद पर अपना उत्तराधिकारी नियुक्त करती हूं, ताकि मेरे निधन के उपरांत वे इस पद को ग्रहण कर सकें। प्रिंस यशवंत राव होल्कर, इंदौर के शाही होल्कर परिवार के नाममात्र के प्रमुख के रूप में मेरे पद को ग्रहण करेंगे। इसके अतिरिक्त, मैं उन्हें 'इंदौर के महाराजा' की उपाधि का उपयोग करने का अधिकार प्रदान करती हूं; साथ ही, हमारे पारिवारिक परंपराओं के अनुरूप, उन्हें परिवार के 'कोट ऑफ आर्म्स' (राज-चिह्न), प्रतीक-चिह्नों तथा इस पद से संबंधित अन्य सभी औपचारिक एवं Titular के अधिकारों का उपयोग करने की भी पुष्टि करती हूं। इसके अलावा, मैं उन्हें सभी औपचारिक कार्यों के संपादन हेतु अपने उत्तराधिकारी के रूप में नियुक्त करती हूं। इसके अलावा, मैं उन्हें 'होलकर राजघराने' के मुखिया के तौर पर सभी रस्मी कामों को निभाने के लिए अपना उत्तराधिकारी नियुक्त करती हूँ। यह कि, मैं इसके द्वारा उनकी बहन, राजकुमारी सबरीना राजे होलकर को यह अधिकार देती हूँ कि वे 'इंदौर की राजकुमारी' और 'महाराजा की बहन' के तौर पर अपनी पदवी से जुड़े सभी रस्मी और नाममात्र के अधिकारों को पहले की तरह ही बनाए रखेंगी और उनका इस्तेमाल करेंगी; मैं उनके द्वारा अपनी हैसियत के अनुसार अपने कर्तव्यों को निभाते रहने का स्वागत करता हूँ, और वे 'होलकर राजघराने' के रस्मी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से शामिल रहेंगी। यह कि, यह घोषणा मैंने अपनी पूरी मर्ज़ी से और अपनी पूरी मानसिक चेतना में रहते हुए की है; इसका उद्देश्य यह है कि यह घोषणा 'इंदौर के शाही होलकर परिवार' के बीच उत्तराधिकार का एक आधिकारिक और बाध्यकारी दस्तावेज़ मानी जाएगी, जहाँ तक इसके Titlar के, पारंपरिक और रस्मी अधिकारों का संबंध है। इसके गवाह के तौर पर, मैं आज, 28 सितंबर 2025 को मुंबई में, अपने हस्ताक्षर और मुहर लगाता हूँ। राजकुमार रिचर्ड होलकर: *मैं 'युवराज साहब' के नाम पर आप सभी का अभिवादन करता हूँ।* अंग्रेजी में इस प्रकार है :- Prince Richard Holkar days : In the Presence of Lord Malhari Martand, the Nobles of the Holkar State and my family, I am commanded by my sister, Maharani Ushadevi of Indore to address you with the following words: "I Maharani Ushadevi of Indore, alias, Usha Malhotra, daughter of H.H. Maharaja Yashwant Rao Holkar the second of his name, and presently residing at Mumbai do hereby solemnly affirm and declare as follows: Upon the demise of my Late Father, H.H. Maharaja Yashwant Rao Holkar II on the fifth day of December in 1961, I succeeded him as Maharani, as Titular and ceremonial Head of the Royal Holkar Family of Indore. That, I have for a period of 64 years faithfully discharged the duties and responsibilities of this office as the custodian of the traditions, customs and ceremonial rights of the House of Holkar. That, due to my advancing age I feel this is the Right Time for me and in the interest of preserving continuity in the traditions of my family and community, I deem it proper and fitting to step back from my duties as Maharani and designate my successor and to usher in the next generation this ceremonial and Titular Position holds in the hearts of its people. On the legal status of former princely states no longer exists the ceremonial and Titular rights prevailed under the Constitution and are an important part of our family's and our community's history and heritage. That, I will therefore like to ensure that these family traditions continue through my nephew, Yashwant Rao Holkar, alias, Prince Yashwant Rao Holkar, son of my half-brother, Richard Holkar, alias, Prince Shivaji Rao Holkar. That, I do hereby declare and appoint my nephew, Prince Yashwant Rao Holkar as my Successor to the Position of Titular Head of the Royal Holkar Family of Indore to succeed me on my demise. That, Prince Yashwant Rao Holkar will succeed me in my capacity as Titular Head of the Royal Holkar Family of Indore. I furthermore, confirm the right to use the title, the Maharaja of Indore and the related use of the Family's Coat of Arms, Insignia and all other ceremonial and Titular rights are pertaining there too, in accordance with the Maharaja as per our family's tradition. Furthermore, I appoint him as my successor in performing all ceremonial functions of the head of the Royal House of Holkar. That, I hereby grant his sister, Princess Sabrina Raje Holkar, who shall continue to hold and exercise all ceremonial and Titular rights customarily associated with her position as Princess of Indore and Sister of the Maharaja and welcome her continuing in carrying out her duties in her capacity and shall remain actively involved in the ceremonial and cultural functions of the House of Holkar. That, this declaration is made voluntarily and in full position of my faculties with the interest then it shall serve as the official and binding record of Succession between the Royal Holkar family of Indore in so far as concerns its Titular, traditional and ceremonial Rights. In witness, I'm here too, set my Hand and Seal at Mumbai this 28th day of September 2025." Prince Richard Holkar: *I greet to all in the name of Yuvraj Saheb.* इस अवसर पर युवराज यशवंत राव ने कहा कि उनकी आदरणीय बुआ जी महारानी उषा देवी द्वारा उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपा जाना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। आधुनिक समय के साथ होलकर परिवार की भूमिका भी बदल रही है और वे इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे। होलकरसांस्कृतिक केंद्र के माध्यम से विरासत संरक्षण, 'रेवा सोसाइटी' और 'वुमनवीव' के माध्यम से हथकरघा उद्योग के पुनरुत्थान तथा खासगी ट्रस्ट के जरिए लोकमाता अहिल्याबाई होलकरकी परोपकारी और धार्मिक सेवा परंपरा को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कुलदेवता भगवान मल्हारी मार्तंड, अपने पूज्य पिता महाराज प्रिंस रिचर्ड उर्फ शिवाजीराव होल्कर, माता पद्मश्री शैली उर्फ शालिनी देवी होल्कर, बहन सबरीना उर्फ संयोगिता राजे, बुआ जी महारानी उषा देवी, फूफा श्री सतीश मल्होत्रा, दादा स्वर्गीय महाराजाधिराज यशवंतराव द्वितीय होलकर सहित समस्त पूर्वजों का स्मरण किया।







